Dwadasha/C6: Difference between revisions
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Revision as of 05:37, 8 April 2026
मत्स्यकरूप लयोदविहारिन् वेदविनेत्र चतुर्मुखवन्द्य ।कूर्मस्वरूपक मन्दरधारिन् लोकविधारक देववरेण्य ॥1॥
सूकररूपक दानवशत्रो भूमिविधारक यज्ञवराङ्ग ।देव नृसिंह हिरण्यकशत्रो सर्वभयान्तक दैवतबन्धो ॥2॥
वामन वामन माणववेष दैत्यवरान्तक कारणरूप ।राम भृगूद्वह सूर्जितदीप्ते क्षत्रकुलान्तक शम्भुवरेण्य ॥3॥
राघव राघव राक्षसशत्रो मारुतिवल्लभ जानकिकान्त ।देवकिनन्दन सुन्दररूप रुक्मिणिवल्लभ पाण्डवबन्धो ॥4॥
देवकिनन्दन नन्दकुमार वृन्दावनाञ्चन गोकुलचन्द्र ।कन्दफलाशन सुन्दररूप नन्दितगोकुलवन्दितपाद ॥5॥
इन्द्रसुतावक नन्दकहस्त चन्दनचर्चित सुन्दरिनाथ ।इन्दीवरोदरदलनयन मन्दरधारिन् गोविन्द वन्दे ॥6॥
चन्द्रशतानन कुन्दसुहास नन्दितदैवतानन्दसुपूर्ण ।दैत्यविमोहक नित्यसुखादे देवसुबोधक बुद्धस्वरूप ॥7॥
दुष्टकुलान्तक कल्किस्वरूप धर्मविवर्धन मूलयुगादे ।नारायणामलकारणमूर्ते पूर्णगुणार्णव नित्यसुबोध ॥8॥
आनन्दतीर्थमुनीन्द्रकृता हरिगाथा ।पापहरा शुभा नित्यसुखार्था ॥9॥